रोड एक्सीडेंट क्लेम कैसे करें | Road Accident Claim Kaise Kare.

रोड एक्सीडेंट डेथ क्लेम फार्म : दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मैं आपको विस्तार से बताने वाला हूं, कि Road Accident Claim Kaise Kare. अगर आपने अपना और अपने परिवार का किसी कंपनी का Bima Policy लिया हुआ है| तो ऐसी स्थिति में रोड एक्सीडेंट होने पर आप कंपनी से सड़क दुर्घटना बीमा की Amount पा सकते हैं| रोड एक्सीडेंट के अंतर्गत ऐसे कई प्रकार के एक्सीडेंट हैं, जिसके अंतर्गत आप बीमा कंपनी के पास एक्सीडेंट क्लेम कर सकते हैं| भगवान ना करे कि किसी का रोड एक्सीडेंट हो जाए, लेकिन अगर किसी कारण बस आपके परिवार में किसी सदस्य का रोड एक्सीडेंट में हादसा हो जाता है, तो आप इस आर्टिकल को पढ़कर Road Accident Claim की पूरी जानकारी पा सकते हैं| 

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रोड एक्सीडेंट क्लेम क्या होता है | Road Accident Claim Kya Hota Hai.

जैसा कि आप जानते हैं हर दिन पूरी दुनिया में रोड एक्सीडेंट काफी ज्यादा मात्रा में होती है| रोड एक्सीडेंट के पीछे की वजह जैसे गाड़ी चलाते वक्त हेलमेट ना पहनना, छोटी उम्र में Vahan चलाने की कोशिश करना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, तेज स्पीड में गाड़ी चलाना, Mobile यूज़ करते हुए गाड़ी चलाना, अज्ञात वाहन से दुर्घटना आदि ऐसे बहुत से कारण हैं, जिनकी वजह से हर दिन ना जाने कितने एक्सीडेंट होते हैं| Road Accident में कई बार तो लोग केवल घायल हो जाते हैं, और कई बार तो लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है| अगर हम पूरी दुनिया की बात करें, तो हर साल लगभग 1200000 लोगों की मौत रोड एक्सीडेंट में होती है| वहीं पर India में हर साल 10% यानि 120000 लोग केवल रोड एक्सीडेंट में मारे जाते हैं| 

रोड एक्सीडेंट होने पर व्यक्ति का शारीरिक नुकसान जैसे : हाथ पैर टूट जाना, सिर में गंभीर चोट लगना, कोई हड्डी टूट जाना आदि होता हैं| जिसकी वजह से इंसान जिंदा तो रहता है, लेकिन उसका शरीर अक्षम हो जाता है| इसके अलावा दूसरी स्थिति में रोड एक्सीडेंट में कई बार व्यक्ति की मौत हो जाती है| इसलिए अगर आप भी Insurance Company से बीमा पॉलिसी ली हुई है, तो रोड एक्सीडेंट होने पर शरीर का होने वाला नुकसान, इसके अलावा मौत की स्थिति में आप बीमा कंपनी से Road Accident Claim कर सकते हैं| रोड एक्सीडेंट क्लेम करने पर बीमा कंपनी आपको आर्थिक धनराशि देती है| अगर Hit And Run मामले में टक्कर मारने वाला फरार हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड से मदद दी जाती है| 

Road Accident के लिए कौन क्लेम कर सकता है?

Road Accident Claim Kaise Kare : अगर आप भी रोड एक्सीडेंट क्लेम करना चाहते हैं तो उससे पहले यह अवश्य समझ ले, कि रोड एक्सीडेंट के लिए कौन-कौन क्लेम कर सकता है| मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत मुआवजे की राशि पाने के लिए नीचे दिए गए निम्नलिखित व्यक्ति क्लेम कर सकते हैं|

  • Road Accident में अगर किसी व्यक्ति को शारीरिक क्षति पहुंचती है, तो वह मुआवजे की राशि के लिए रोड एक्सीडेंट क्लेम कर सकता है| 
  • रोड एक्सीडेंट में किसी व्यक्ति का गंभीर रूप से घायल होने पर उसके सगे संबंधियों या उत्तराधिकारी द्वारा रोड एक्सीडेंट क्लेम किया जा सकता है| 
  • रोड एक्सीडेंट में अगर व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो ऐसी स्थिति में उसके सगे रिश्तेदारों या उत्तराधिकारी द्वारा रोड एक्सीडेंट क्लेम किया जा सकता है| 

रोड एक्सीडेंट क्लेम कहां पर किया जाता है?

  • जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है, जिले के ट्रिब्यूनल के अधिकार क्षेत्र मेंI
  • जिस स्थान पर दावेदार रहता अथवा व्यवसाय करता है, उस क्लेम ट्रिब्यूनल की स्थानीय सीमा के भीतरI
  • जिस स्थान पर प्रतिवादी रहता है, वहां के क्लेम ट्रिब्यूनल की सीमा के भीतरI

रोड एक्सीडेंट में घायल अथवा मृत व्यक्ति को कितना क्लेम राशि मिलता है? 

मोटर वाहन अधिनियम 1988 में सड़क दुर्घटना में मरने वाले व्यक्ति को अथवा घायल होने वाले व्यक्ति को क्लेम राशि स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है| रोड एक्सीडेंट में मरने वाले व्यक्ति को या घायल होने वाले व्यक्ति को क्लेम राशि नीचे दी गई इस प्रकार से होती है| 

  • रोड एक्सीडेंट में मृत्यु होने पर क्लेम राशि ₹500000 है|
  • रोड एक्सीडेंट में गंभीर रूप से घायल होने पर क्लेम राशि ढाई लाख रुपए हैं|
  • हिट एंड रन मामले में व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके नॉमिनी को ₹200000 दिए जाते हैं|
  • जबकि हिट एंड रन मामले में व्यक्ति को गंभीर चोट लगने पर क्लेम राशि ₹50000 दिए जाते हैं| 

सड़क दुर्घटना बीमा का दावा कैसे करें | Road Accident Claim Kaise Kare.

किसी भी व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट होने पर अगर वह रोड एक्सीडेंट क्लेम पाने के लिए आवेदन करना चाहता है| तो वह Motar Vichale Act 1988 की धारा 164 के तहत मुआवजा पाने के लिए आवेदन कर सकता है| आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है

  • रोड एक्सीडेंट होने पर व्यक्ति को या उसके सगे संबंधी को सबसे पहले इसकी सूचना पुलिस को देनी पड़ती है| 
  • इसके बाद Insurance Agent या Insurance Company को रोड एक्सीडेंट की जानकारी देनी चाहिए| 
  • इसके बाद Police को गाड़ी से संबंधित कागजात जैसे : ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, गाड़ी का इंश्योरेंस पॉलिसी नंबर आदि की फोटो कॉपी दे देनी चाहिए|
  • इसके बाद पुलिस घटना स्थल की निरीक्षण करने के बाद 30 दिनों के अंदर एक रिपोर्ट बनाकर मोटर एक्सीडेंट ट्रिब्यूनल को भेज देती है| 
  • दूसरी तरफ इंश्योरेंस कंपनी की निगरानी में इंश्योरेंस एजेंट घटना स्थल और व्यक्ति का सर्वे करता है, और क्षति का आकलन करने के पश्चात सभी रिपोर्ट और दस्तावेजों को इंश्योरेंस कंपनी को सौंप देता है| 
  • इंश्योरेंस कर्मचारी द्वारा सौंपा गया सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही इंश्योरेंस कंपनी Road Accident Claim Amount निर्धारित करती है| 
  • अगर मान लीजिए सर्वे रिपोर्ट से इंश्योरेंस कंपनी सहमत नहीं होती है, तो ऐसी स्थिति मे आप ट्रिब्यूनल कोर्ट में जा सकते हैं|
  • यदि फैसला आवेदक के पक्ष में होता है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी को Accident Amount तय करने के लिए 30 दिन का मोहलत दे दिया जाता है| 
  • यदि फिर भी आवेदक और इंश्योरेंस कंपनी के बीच रोड एक्सीडेंट क्लेम राशि देने का फैसला नहीं हो पाता, तो ऐसी स्थिति में क्लेम राशि Court के द्वारा तय की जाती है| 

रोड एक्सीडेंट की ऐसी स्थिति, जिनमें इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से मना कर देती है?

दोस्तों जैसा कि इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि रोड एक्सीडेंट होने पर व्यक्ति Insurance Company से Accident Claim कर सकता है| लेकिन ऐसे बहुत से कारण हैं, जिन परिस्थितियों में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम राशि नहीं देती हैं| वे कारण इस प्रकार है

  • यदि लापरवाही से गाड़ी चलाते समय व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट होता है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी भुगतान करने से मना कर सकती है|
  • यदि शराब पीकर गाड़ी चलाते समय व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट होता है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम राशि देने से मना कर सकती है|
  • यदि बिना हेलमेट लगाए गाड़ी चलाते समय व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट होता है, तो ऐसी स्थिति में Insurance Company Claim Amount देने से मना कर सकती है| 
  • बिना अनुभव के गाड़ी चलाते समय व्यक्ति का रोड एक्सीडेंट होता है, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनी क्लेम धनराशि देने से मना कर सकती है| 
  • रोड एक्सीडेंट के दौरान अगर व्यक्ति के पास ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन आरसी ऑफिशियल डॉक्यूमेंट नहीं है| तो ऐसी स्थिति में भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम देने से मना कर सकती हैं| 
  • यदि रोड एक्सीडेंट होने वाले व्यक्ति का Driving License रद्द हो गया हो, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियां क्लेम देने से मना कर सकती हैं| 
  • यदि वाहन चालक एक Learner है, और रोड एक्सीडेंट के समय उसके पास Learning License नहीं है| तो ऐसी परिस्थिति में भी इंश्योरेंस कंपनी क्लेम राशि देने से मना कर सकती है| 
  • इस प्रकार से हर हाल में रोड एक्सीडेंट का शिकार होने वाले व्यक्ति को इंश्योरेंस कंपनी द्वारा Claim Amount Pay की जाती है| 

Road Accident Claim करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

रोड एक्सीडेंट क्लेम करते समय व्यक्ति को नीचे दी गई निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है, जो इस प्रकार हैI

  • रोड एक्सीडेंट होने के संबंध में दर्ज की गई एफ आई आर की एक फोटो कॉपी
  • रोड एक्सीडेंट में व्यक्ति की मृत्यु होने पर डेथ सर्टिफिकेट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी
  • रोड एक्सीडेंट में व्यक्ति की मृत्यु होने पर दावेदारों की पहचान संबंधित दस्तावेज
  • रोड एक्सीडेंट में मृत्यु व्यक्ति का आय प्रमाण पत्र
  • Road Accident में मृत्यु व्यक्ति का जन्म प्रमाण पत्र
  • अगर व्यक्ति पहले से विकलांग है, तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति का विकलांगता प्रमाण पत्र 
  • थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नोट (यदि कोई थर्ड पार्टी हो तो)

रोड एक्सीडेंट के मुआवजे के लिए आवेदन कब किया जाता है?

इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें : रोड एक्सीडेंट होने के बाद व्यक्ति को ज्यादा से ज्यादा 6 महीने के अंदर मुआवजे के लिए क्लेम कर देना चाहिए| क्योंकि अगर आप 6 महीने से ज्यादा का टाइम क्लेम राशि पाने के लिए आवेदन करते हैं, तो ऐसी स्थिति में इंश्योरेंस कंपनियां भुगतान करने के लिए काफी ज्यादा आनाकानी करती हैं| यानी रोड एक्सीडेंट होने के बाद जितना जल्दी हो सके, उतना जल्दी क्लेम करके मुआवजा राशि ले लेना चाहिए| 

मोटर वाहन अधिनियम 1988 से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें I Road Accident Claim Kaise Kare.

  • मोटर वाहन का रजिस्ट्रेशन अवश्य होना चाहिए, इसके अलावा वाहन चालक के पास Driving License जबकि दो पहिया वाहन चालक के सिर पर हेलमेट अवश्य होनी चाहिए|
  • ऐसे व्यक्ति जिनकी उम्र 16 साल से कम है, वे केवल 50 सीसी से कम क्षमता का वाहन चला सकते हैं|
  • अधिनियम 1988 की धारा 4 के अंतर्गत 18 साल से कम व्यक्ति का किसी भी सार्वजनिक स्थल में वाहन चलाना अपराध है|
  • इसके अलावा अधिनियम 1988 की धारा 3 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थल पर वाहन चलाते समय व्यक्ति के पास ड्राइविंग लाइसेंस अवश्य होनी चाहिए| ड्राइविंग लाइसेंस न होने पर धारा 181 के तहत दंडनीय अपराध है| 

रोड एक्सीडेंट केस की जानकारी (FAQ)

1.रोड एक्सीडेंट में कितना मुआवजा मिलता है?

हिट एंड रन मामले में 1 अप्रैल 2022 मुआवजे के नियम अनुसार हिट एंड रन केस में व्यक्ति की मौत होने पर परिजन को ₹200000 का मुआवजा दिया जाएगा| वहीं पर गंभीर रूप से घायल होने पर व्यक्ति को ₹50000 का मुआवजा दिया जाएगा| 

2.किसी का एक्सीडेंट हो जाए तो क्या करना चाहिए?

अगर आपके सामने कोई रोड दुर्घटना होती है, तो सबसे पहले आप को घायल व्यक्ति को बचाना चाहिए, इसके बाद तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करना चाहिए| और दूसरी वाहन से टक्कर होने के उपरांत उस वाहन का नंबर प्लेट अवश्य नोट कर लेना चाहिए| 

3.सड़क दुर्घटना में कौन सी धारा लगती है?

लापरवाही से गाड़ी चलाते समय अगर सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो ऐसी परिस्थिति में धारा 304 ए लगाई जाती है| 

4.क्लेम कितने प्रकार के होते हैं?

मोटर इंश्योरेंस क्लेम को दो भागों में बांटा गया है| १. कैशलैस क्लेम २.रीइम्बर्समेन्ट क्लेम

5.कार इंश्योरेंस क्लेम की जांच करने में कितना समय लगता है?

कार इंश्योरेंस क्लेम की जांच करने में 30 से 45 दिन का समय लगता है|

6.सड़क दुर्घटना में व्यक्ति को पाने पर आपकी क्या जिम्मेदारी है?

अगर आप सड़क दुर्घटना से ग्रसित किसी व्यक्ति को देखते हैं, तो वहां से भागने की बजाय उस व्यक्ति की मदद करें| उसे प्राथमिक चिकित्सा मदद उपलब्ध कराने के बाद तुरंत पुलिस को सूचित करें| 

7.दुर्घटना के कितने दिन बाद आप बीमा क्लेम कर सकते हैं?

संभवत रोड एक्सीडेंट होने के 24 घंटे के अंदर दुर्घटना बीमा क्लेम कर देना चाहिए| क्योंकि देरी की स्थिति में क्लेम अस्वीकृति होने की संभावना बढ़ जाती है| 

8.सिर फट जाने पर कौन सी धारा लगती है?

धारा 294, 323, 506 

9.मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के अनुसार हिट एंड रन मामले में कितना मुआवजा मिलता है?

मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के अनुसार हिट एंड रन मामले में मृत्यु की स्थिति में ₹200000, गंभीर चोट की स्थिति में ₹50000 का मुआवजा दिया जाता है| 

10.क्या मैं हिट एंड रन के लिए बीमा का दावा कर सकता हूं?

किसी अन्य वाहन चालक की लापरवाही के कारण हुई दुर्घटना के लिए आप हिट एंड रन के अंतर्गत दुर्घटना क्लेम कर सकते हैं| क्षतिपूर्ति स्थिति जैसे : हड्डी टूट जाने पर, सिर पर गंभीर चोट लगने पर आदि, ऐसी स्थिति में हिट एंड रन के लिए बीमा का दावा किया जा सकता है|

निष्कर्ष

दोस्तों इस आर्टिकल में हमने Road Accident Claim Kaise Kare. इसके विषय में पूरी जानकारी विस्तार से बताई हुई है| अगर किसी कारण बस परिवार के किसी सदस्य का रोड एक्सीडेंट हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में जितना जल्दी हो सके संबंधित परिवार को बीमा क्लेम कर देना चाहिए| रोड एक्सीडेंट दुर्घटना आवेदन प्रक्रिया में लगने वाले दस्तावेज, इसके अलावा रोड एक्सीडेंट दुर्घटना में मिलने वाला क्लेम राशि आदि की जानकारी इस आर्टिकल में दी गई है, जिसे आप पढ़ सकते हैं| लेकिन अगर आपको दुर्घटना बीमा का दावा कैसे करें, से संबंधित कोई सवाल है तो आप कमेंट करके पूछ सकते हैं| 

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